दिल्ली पुलिस ने TMC सांसद महुआ मोइत्रा के 'पजामा' टिप्पणी पर दर्ज किया केस
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है, जब दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की अध्यक्ष रेखा शर्मा पर की गई अपमानजनक टिप्पणी को लेकर केस दर्ज किया। यह मामला तब उठाया गया जब एनसीडब्ल्यू ने 5 जुलाई को दिल्ली पुलिस को शिकायत दी।
क्या है मामला?
मामला तब शुरू हुआ जब महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर एक टिप्पणी की, जिसमें उन्होंने कहा कि रेखा शर्मा ''अपने बॉस के पजामा पकड़ने में व्यस्त हैं।'' यह टिप्पणी उस वीडियो को देखकर की गई थी, जिसमें रेखा शर्मा हैथरस, उत्तर प्रदेश में एक स्टाम्पेड स्थल पर मौजूद थीं और वहां कोई उनके लिए छत्र पकड़े हुए था।
एनसीडब्ल्यू का दृष्टिकोण
महुआ मोइत्रा की इस टिप्पणी पर एनसीडब्ल्यू ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। आयोग ने इसे महिलाओं के सम्मान के अधिकार का उल्लंघन और ''घृणास्पद'' करार दिया। इस टिप्पणी को भारतीय न्याय संहिता (Bhartiya Nyaya Sanhita) की धारा 79 के तहत वर्गीकृत किया गया है।
एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने भी प्रतिक्रिया दी और महुआ मोइत्रा को एक ''ट्रोल'' कहकर उनके कार्य पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि महुआ मोइत्रा का काम में कोई रुचि नहीं है, बस लोगों को ट्रोल करना ही उनका मकसद है।
महुआ मोइत्रा का पक्ष
महुआ मोइत्रा ने अपनी टिप्पणी को लेकर किया बचाव किया और दिल्ली पुलिस को चुनौती देते हुए कहा कि वे पश्चिम बंगाल के नदिया में आकर उन्हें गिरफ्तार करें। उन्होंने साथ ही रेखा शर्मा के पुराने बयानों के स्क्रीनशॉट्स भी शेयर किए और उन्हें ''सीरियल ऑफेंडर'' करार देते हुए उन बयानों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस मामले ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने महुआ मोइत्रा की इस टिप्पणी की कड़ी निंदा की और मांग की कि उन्हें तृणमूल कांग्रेस से हटाया जाए।
महुआ मोइत्रा के इस विवाद ने सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रिया उत्पन्न कर दी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में इस मामले में और क्या-अन्य कार्रवाई होती है और कैसे यह विवाद सुलझता है।
मामले की कानूनी प्रक्रिया
दिल्ली पुलिस ने एनसीडब्ल्यू की शिकायत के आधार पर महुआ मोइत्रा के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। भारतीय न्याय संहिता की धारा 79 के अंतर्गत यह मामला बहुत गंभीर माना जाता है। साथ ही, इससे यह भी दर्शाता है कि सोशल मीडिया पर की जाने वाली टिप्पणियों के लिए राजनेताओं को भी अब अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।
कानूनी कार्रवाई में क्या परिणाम निकलेंगे, यह तो समय ही बताएगा, लेकिन यह साफ है कि इस मामले ने महिलाओं के सम्मान और सोशल मीडिया पर होने वाली चर्चा के मानदंडों पर गंभीर सवाल उठा दिए हैं।
निष्कर्ष
महुआ मोइत्रा द्वारा रेखा शर्मा पर की गई टिप्पणी ने न केवल राजनीतिक गलियारों में हलचल मचाई है, बल्कि यह भी दिखाया है कि जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को अपने शब्दों का चयन बहुत सावधानी से करना चाहिए। सोशल मीडिया की शक्ति जहां लोगों को अपनी आवाज़ उठाने का मंच देती है, वहीं यह भी आवश्यक है कि इस मंच का उपयोग जिम्मेदारी से किया जाए।
Soham mane
जुलाई 10, 2024 AT 03:22इस तरह की टिप्पणियाँ असल में बहस करने के लिए नहीं, बल्कि ध्यान खींचने के लिए की जाती हैं। अगर कोई सांसद इतना बेवकूफ है कि ऐसी बात कह दे, तो उसकी जगह बदल देनी चाहिए।
Neev Shah
जुलाई 11, 2024 AT 11:05यह बात सिर्फ एक पजामा की नहीं, बल्कि एक अधिकारी के व्यवहार के प्रति एक गहरी अपमानजनक टिप्पणी है। यह विवाद उस समाज की बुराई को उजागर करता है जहाँ महिलाओं के शरीर के वस्त्रों पर टिप्पणी करना एक नैतिक बाध्यता बन गया है। इस तरह की बातें न केवल अशिक्षित हैं, बल्कि एक अस्थायी सामाजिक रूढ़ि का प्रतीक भी हैं।
Chandni Yadav
जुलाई 12, 2024 AT 20:32धारा 79 का उल्लंघन तो बहुत गंभीर है, लेकिन यह भी ध्यान देने योग्य है कि NCW की अध्यक्ष के व्यवहार में भी अनेक विवादास्पद बयान आए हैं। यह एक द्वैतिकता है - जब कोई महिला अपमान करती है, तो उसे कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ता है, लेकिन जब एक अधिकारी खुद अपमानजनक व्यवहार करती है, तो उसका कोई जवाब नहीं होता। यह न्याय की एक असमान व्याख्या है।
Raaz Saini
जुलाई 14, 2024 AT 12:23महुआ मोइत्रा को तो बस ध्यान चाहिए, न कि न्याय। वो लगातार ऐसी बातें करती है जो किसी के भी लिए असहनीय हैं। रेखा शर्मा के पजामे की बात करना? यह तो बस एक बेवकूफ बच्चे की बात है। और फिर वो अपने पुराने बयानों के स्क्रीनशॉट्स शेयर करती है - जैसे यह किसी के लिए सबूत बन सकते हैं। ये सब एक ट्रोल का खेल है, और अब लोग इसे देख रहे हैं।
Dinesh Bhat
जुलाई 15, 2024 AT 09:28ये मामला दिलचस्प है क्योंकि यह दिखाता है कि सोशल मीडिया पर बोलने की आजादी के साथ जिम्मेदारी कैसे जुड़ी है। महुआ की टिप्पणी शायद अंदरूनी गुस्से की निकासी थी, लेकिन एक सांसद के लिए ऐसी बात कहना बहुत खतरनाक है। और रेखा शर्मा का जवाब भी बहुत तीखा था - दोनों तरफ से बहुत बुरा व्यवहार दिख रहा है।
Kamal Sharma
जुलाई 15, 2024 AT 16:46भारत में एक बात बहुत जरूरी है - जो भी जिम्मेदारी के पद पर है, उसकी बातों का असर लाखों लोगों पर पड़ता है। महुआ मोइत्रा ने एक महिला के कपड़ों की बात करके न केवल उसका अपमान किया, बल्कि समाज को यह संदेश दिया कि महिलाओं के वस्त्रों पर टिप्पणी करना ठीक है। यह बहुत खतरनाक है। हमारे समाज में ऐसी बातें नहीं चलनी चाहिए।
Himanshu Kaushik
जुलाई 16, 2024 AT 22:42पजामा की बात नहीं, बस एक बात समझो - अगर तुम बड़े इंसान हो तो ऐसी बात नहीं करो।