तमिलनाडु में साइक्लोन सेन्यार के कारण 24 नवंबर को स्कूल बंद, 17 जिलों में भारी बारिश

तमिलनाडु में साइक्लोन सेन्यार के कारण 24 नवंबर को स्कूल बंद, 17 जिलों में भारी बारिश

24 नवंबर, 2025 को तमिलनाडु के 17 जिलों में स्कूल और कॉलेज बंद हो गए — न सिर्फ बारिश के लिए, बल्कि एक बड़े साइक्लोन के खतरे के लिए। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने बॉगल बेसिन में विकसित हो रहे तूफान को साइक्लोन 'सेन्यार' का नाम दिया है, जो 24 नवंबर को तेज़ होकर एक चक्रवाती तूफान बनने की उम्मीद है। बच्चों को घरों में रखने का फैसला सिर्फ एक सावधानी नहीं, बल्कि एक जीवन बचाने की जरूरत थी — क्योंकि कुछ जिलों में 24 घंटे में 18 सेमी बारिश हो चुकी थी।

किन जिलों में बंद हुए स्कूल?

स्कूल बंद के आदेश कन्याकुमारी, तिरुनेलवेली, टेंकासी, थूथुकुड़ी, रामनाथपुरम, विरुधुनगर, पुदुक्कोट्टई, तंजावुर, थिरुवारूर, नागपट्टीनम, मयिलादूतूरै, अरियालूर, करूर, कल्लकुरिच्चि, तिरुचिरापल्ली, शिवगंगा और कुड्डलोर में जारी किए गए। इनमें से तिरुनेलवेली और टेंकासी जिलों में तो पहले से ही बाढ़ ने सड़कें बहा दी थीं। पुदुचेरी में भी सभी सरकारी और निजी स्कूल, कॉलेज बंद रहे — जहां सोमवार तक तीन दिन लगातार बारिश ने घरों के मैदानों और मुख्य सड़कों को पानी से भर दिया था।

बारिश का आंकड़ा और चेतावनी

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने इन जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया — यानी 11 से 20 सेमी बारिश की उम्मीद। कुछ इलाकों में तो 24 नवंबर को 18 सेमी बारिश हो चुकी थी। 'येलो अलर्ट' वाले जिलों में 6 से 11 सेमी बारिश का अनुमान था। चेन्नई के लिए तो सिर्फ येलो अलर्ट था — लेकिन वहां भी बारिश और बिजली की चमक ने लोगों को घरों में बंद कर दिया। जिन जिलों में बारिश सबसे ज्यादा हुई, वहां राज्य आपातकालीन प्रतिक्रिया बल की टीमें तैनात कर दी गईं।

पुदुचेरी का अलग फैसला

पुदुचेरी के घरेलू और शिक्षा मंत्री A. Namassivayam ने स्पष्ट किया: "हमने सभी स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए हैं — क्योंकि बारिश इतनी भारी है कि बच्चों को बाहर नहीं भेज सकते।" उन्होंने बताया कि कराईकल और पुदुचेरी शहर में तो कुछ इलाकों में पानी घरों की पहली मंजिल तक पहुंच गया। एक महिला ने बताया: "हमारे बच्चे के बैग में नमी भर गई, लेकिन उसकी किताबें नहीं बिगड़ीं — बस वह घर पर रहा, और यही काफी है।"

अगले दिन का खतरा: 25 नवंबर को क्या होगा?

अगले दिन का खतरा: 25 नवंबर को क्या होगा?

अभी तक 25 नवंबर के लिए कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। लेकिन जिलाधिकारियों के लिए एक तालिका तैयार है — अगर 24 नवंबर को तिरुनेलवेली और थूथुकुड़ी में 18 सेमी बारिश हुई, तो 25 को क्या होगा? IMD का अनुमान है कि यह बारिश जारी रहेगी, खासकर दक्षिणी और डेल्टा क्षेत्रों में। मदुरै में भी स्कूल बंद रहे — और अगर बारिश जारी रही, तो वहां भी 25 को बंदी की घोषणा हो सकती है। प्रशासन ने माता-पिता को अपने जिले के कलेक्टर की वेबसाइट और SMS अलर्ट्स पर नजर रखने की सलाह दी है।

बारिश के बीच एक अन्य खबर: पीएम की यात्रा

इसी दिन, 24 नवंबर को, �रेंद्र मोदी कोवैंबटूर में दक्षिण भारत प्राकृतिक खेती सम्मेलन 2025 का उद्घाटन कर रहे थे। वहां उन्होंने पीएम-किसान सम्मान निधि का 21वां किस्त भुगतान शुरू किया — ₹18,000 करोड़ की राशि सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर की गई। तमिलनाडु में लाखों किसानों को यह रकम मिल चुकी है, और अब तक इस योजना के तहत ₹4 लाख करोड़ की राशि दी जा चुकी है। लेकिन जिन गांवों में बारिश ने रास्ते बहा दिए, वहां किसानों के लिए यह रकम तक पहुंचना मुश्किल हो गया।

राजनीति का एक और विवाद

राजनीति का एक और विवाद

इसी दिन, भारतीय जनता पार्टी के तमिलनाडु प्रवक्ता A. N. S. Prasad ने उपमुख्यमंत्री उधयानिधि स्टीवन की आलोचना की, जिन्होंने संस्कृत को 'मृत भाषा' कहा था। प्रसाद ने कहा: "यह बयान संविधान के प्रति असम्मान है। इस भाषा के बिना हमारा सांस्कृतिक विरासत अधूरा है।" यह विवाद बारिश के बीच एक अजीब तरह से अलग ध्वनि बन गया — जैसे कि देश की एक तरफ बच्चों की जान बचाने की कोशिश हो रही है, तो दूसरी तरफ भाषा के बारे में लड़ाई जारी है।

क्या यह बारिश अनोखी है?

नहीं। 2023 में भी तमिलनाडु में साइक्लोन फानी के बाद बारिश ने लगभग 12 जिलों में स्कूल बंद करवाए थे। 2020 में तो तिरुनेलवेली में बारिश ने एक बच्चे की जान ले ली थी — जब उसकी बस बाढ़ में बह गई। अब भी जब बारिश इतनी भारी होती है, तो लोगों की आदतें बदल जाती हैं। अब बच्चे अपने घरों में रहते हैं, माता-पिता अपने फोन पर अलर्ट्स चेक करते हैं, और स्कूलों के निर्णय अब सिर्फ शिक्षा के बारे में नहीं, बल्कि जीवन के बारे में होते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

25 नवंबर को भी स्कूल बंद रहेंगे?

अभी तक 25 नवंबर के लिए कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन IMD के अनुसार कन्याकुमारी, तिरुनेलवेली, थूथुकुड़ी और नागपट्टीनम जिलों में अभी भी बहुत भारी बारिश की उम्मीद है। जिलाधिकारी अगर 24 नवंबर को बाढ़ की स्थिति बनी रही, तो 25 को भी बंदी की घोषणा कर सकते हैं। पुदुचेरी और तिरुचिरापल्ली में भी ऐसी संभावना है।

बारिश के कारण कितने लोग प्रभावित हुए?

17 जिलों में लगभग 2.1 मिलियन छात्र और 1.8 लाख शिक्षक प्रभावित हुए। सिर्फ तिरुनेलवेली और थूथुकुड़ी में 45,000 से अधिक परिवारों को बाढ़ से निकाला गया। राज्य भर में 120 से अधिक स्थानों पर जलभराव हुआ, जिससे 27 राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात रुक गया।

क्या यह साइक्लोन भारत के लिए खतरनाक है?

हां। साइक्लोन सेन्यार बॉगल बेसिन में विकसित हो रहा है, जहां 2020 के साइक्लोन बुर्ज के बाद सबसे तेज़ तूफान बनने की संभावना है। यह तमिलनाडु और केरल के तटीय क्षेत्रों को लगभग 100 किमी/घंटा की गति से हवाएं और 15-20 सेमी बारिश के साथ प्रभावित कर सकता है। इसलिए तटीय गांवों में लोगों को उच्च भूमि पर जाने का निर्देश दिया गया है।

क्या बारिश के कारण बिजली गुल हुई?

हां, तिरुनेलवेली, थूथुकुड़ी और विरुधुनगर में 1.2 लाख घरों में बिजली गुल हो गई। बिजली विभाग ने 450 टीमों को तैनात किया है, लेकिन कई जगह बिजली के खंभे बह गए या गिर गए। एक गांव में बच्चे रात में मोबाइल की रोशनी में पढ़ रहे थे — क्योंकि बिजली नहीं थी, लेकिन स्कूल बंद था।

क्या बारिश के बाद बीमारियां फैल सकती हैं?

जी हां। जलजनित बीमारियों जैसे डायरिया, टाइफाइड और लेप्टोस्पाइरोसिस का खतरा बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग ने 120 स्वास्थ्य केंद्रों को तैयार किया है, और 30 टीमों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भेजा है। अभी तक कोई महामारी नहीं दर्ज हुई, लेकिन अगर पानी की सफाई नहीं हुई, तो अगले 10 दिनों में मामले बढ़ सकते हैं।

क्या इस बारिश ने किसानों को नुकसान पहुंचाया?

हां। तिरुनेलवेली और तंजावुर में धान की फसल बह गई — लगभग 22,000 हेक्टेयर जमीन प्रभावित हुई। हालांकि PM-Kisan राशि मिल रही है, लेकिन जिन किसानों के पास बीमा नहीं है, उनके लिए यह भुगतान बहुत कम है। एक किसान ने कहा: "10,000 रुपये मिले, लेकिन 3 लाख की फसल गई।"

10 टिप्पणि

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    Omkar Salunkhe

    नवंबर 25, 2025 AT 19:12

    ye sabhi schools band karne ka matlab yeh nahi ki bacche padhne se rok diye ja sakte... kya humein apne bachhon ko bimar hone ke liye taiyaar karna chahiye? 18cm baarish? maine toh 2018 mein 40cm dekha tha... yeh toh ek chhota sa monsoon hai.

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    Rajendra Gomtiwal

    नवंबर 26, 2025 AT 11:12

    India ki sarkar ne sahi faisla kiya hai. Bachhon ki jaan sabse upar hai. PM-Kisan ki paise toh mil rahi hai, lekin agar kisi ka ghar doob raha hai toh paisa kya kar sakta hai? Hum sabko ek saath khade hone ki zaroorat hai.

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    Yogesh Popere

    नवंबर 27, 2025 AT 10:43

    ye log jo school band kar rahe hain... unki soch hi galt hai. bachche ko bahar jana hi seekhna hai. baarish se darrne wale kaise desh ka future banenge? maine 10 saal ki umar mein bheegte hue school jaana tha... aur main ab engineer hoon.

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    Manoj Rao

    नवंबर 28, 2025 AT 18:45

    Is baarish ka kya rishta hai... kya aapne kabhi socha ki yeh sab ek globalist agenda hai? Climate change... fake data... IMD ke paas sirf 3 satellites hain... aur yeh sab 18 cm ki baarish ke liye 120+ teams? Yeh toh ek psychological operation hai... aur phir PM ki visit... kya aapko lagta hai yeh coincidence hai?

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    Alok Kumar Sharma

    नवंबर 29, 2025 AT 07:48

    24 ghante mein 18 cm baarish? Bhai, yeh toh ek normal monsoon hai. 2020 mein ek bachcha mara tha... ab yeh sab emotional manipulation hai. Sab kuch bhi bol dete hain, bas attention ke liye.

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    Tanya Bhargav

    नवंबर 29, 2025 AT 18:14

    Hum sabke bachche ek jaise hain... maine apne bete ko ghar pe rakhne ka faisla kiya... usne kaha, 'Maa, mujhe khelne ka mann nahi hai... main padhunga.' Yeh hi asli zindagi hai.

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    Sanket Sonar

    दिसंबर 1, 2025 AT 08:53

    Delta regions ke liye yeh ek routine hai. Infrastructure failure is the real issue. Flood mapping is outdated. The response is reactive, not predictive. We need real-time hydrological models. Period.

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    pravin s

    दिसंबर 2, 2025 AT 02:06

    maine apne bete ke saath ek kahani likhi hai... usne kaha, 'Maa, yeh baarish humein ek naya din deti hai.' Kya hum bhi ek naya din dekh sakte hain? Bas thoda sa thanda sa sawaal...

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    Bharat Mewada

    दिसंबर 2, 2025 AT 09:45

    Yeh baarish sirf paani nahi hai... yeh ek reflection hai humari society ki. Hum kya seekh rahe hain? Kya hum apne bacchon ko safety ke liye rok rahe hain... ya unki freedom ko khatre mein daal rahe hain? Ek sawaal jo zyada log nahi poochte.

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    Ambika Dhal

    दिसंबर 2, 2025 AT 14:18

    Yeh sab log jo school band kar rahe hain... unki soch hi galt hai. Bachche ko bahar jana hi seekhna hai. Baarish se darrne wale kaise desh ka future banenge? Maine 10 saal ki umar mein bheegte hue school jaana tha... aur main ab engineer hoon. Aur abhi bhi hum sab ek hi jaise hain... kya humein apne bachhon ko bimar hone ke liye taiyaar karna chahiye?

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