विप्रो के शेयरों में 8% की गिरावट: कमजोर Q1 आय ने बाजार को किया निराश
विप्रो के Q1 परिणाम बाजार के लिए निराशाजनक
22 जुलाई, 2024 को विप्रो के शेयरों में 8% की भारी गिरावट देखी गई, जब कंपनी ने Q1 FY25 के कमजोर परिणाम घोषित किए। विप्रो का शुद्ध मुनाफा पिछली तिमाही की तुलना में 6% बढ़कर ₹3,003.2 करोड़ हो गया, जो मोटे तौर पर बाजार अनुमानों से बेहतर था। हालांकि, कंपनी का समेकित राजस्व 1.1% घटकर ₹21,963.8 करोड़ रह गया, जो बाजार के ₹22,229 करोड़ के अनुमान से कम था।
कंपनी द्वारा जारी Q2 FY25 के लिए राजस्व मार्गदर्शन भी उम्मीदों से कम था, जिससे आगे के लिए व्यापार दृष्टिकोण को लेकर निवेशकों में चिंता बढ़ गई। विप्रो ने संकेत दिया कि Q2 FY25 में उसका राजस्व या तो स्थिर रहेगा या थोड़ी वृद्धि हो सकती है, जो निवेशकों के लिए संतोषजनक नहीं था।
प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले विप्रो का प्रदर्शन कमजोर
विप्रो का प्रदर्शन इसके प्रमुख प्रतिस्पर्धियों, जैसे टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और इंफोसिस के मुकाबले काफी कमजोर रहा। TCS और इंफोसिस ने Q1 FY25 में 2-3% QoQ वृद्धि दर्ज की, जो विप्रो की तुलना में काफी बेहतर थी। इस समग्र संदर्भ में, विप्रो का कमजोर प्रदर्शन निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना रहा और इसके शेयरों में भारी गिरावट आई।
ब्रोकरेज हाउस ने विप्रो के बारे में विभिन्न राय जारी की हैं। नोमुरा ने विप्रो पर 'खरीदें' कॉल बनाए रखा है और इसका लक्ष्य मूल्य ₹600 निर्धारित किया है। जबकि, सिटी ने 'बिक्री' कॉल रखते हुए लक्ष्य मूल्य ₹495 तय किया है। नुवामा ने 'होल्ड' रेटिंग बनाए रखते हुए लक्ष्य मूल्य ₹530 से बढ़ाकर ₹460 कर दिया है, क्योंकि BFSI सेगमेंट में वृद्धि देखी जा रही है और उपभोक्ता व्यवसाय में सुधार हो रहा है।
भविष्य की संभावनाएं और चुनौतियां
हालांकि विप्रो के वर्तमान प्रदर्शन ने निवेशकों को निराश किया है, लेकिन संभावित वसूली की उम्मीद बनी हुई है। विप्रो के प्रबंधन ने स्वीकार किया है कि कंपनी को अपनी रणनीतियों में बदलाव की आवश्यकता है, ताकि वह बाजार की मांगों के साथ तालमेल बिठा सके। किसी भी कंपनी के लिए चुनौतीपूर्ण आर्थिक समय में सुधार करना कठिन हो सकता है, लेकिन विप्रो ने भविष्य की संभावनाओं को बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठाने का संकेत दिया है।
विप्रो के BFSI और उपभोक्ता व्यवसाय क्षेत्रों में वृद्धि के संकेत है, जो कंपनी के लिए सकारात्मक हैं। इन खंडों में मजबूती भविष्य में कंपनी के समग्र प्रदर्शन को सुधारने में सहायता कर सकती है।Q2 FY25 के लिए कंपनी के मार्गदर्शन को थोड़ा सपाट माना गया है, लेकिन यह भी उल्लेखनीय है कि विप्रो ने अपने लक्षों में प्रगतिशील सुधार दिखाया है।
बाजार की उम्मीदें और विप्रो की प्रतिक्रिया
शीर्ष निवेश संस्थानों ने विप्रो के स्टॉक पर मिश्रित राय व्यक्त की हैं। जबकि कुछ ब्रोकरेज हाउस विप्रो की लंबी अवधि की संभावनाओं को देखते हुए इसे एक अच्छी खरीदारी माना है, वहीं कुछ अन्य इसे बेचने की सलाह दे रहे हैं। यह देखा जाना चरूरी होगा कि विप्रो अपनी वैश्विक रणनीतियों में किस प्रकार के सुधार करती है और बाजार की उम्मीदों को पूरा करने के लिए नए कदम उठाती है।
निवेशकों और व्यापार विश्लेषकों दोनों को विप्रो द्वारा आगामी तिमाहियों में उठाए गए सुधारात्मक कदमों पर करीब से नजर रखनी होगी। यदि कंपनी प्रभावी रूप से अपनी अस्थिरताओं को प्रबंधित करने में सफल होती है और स्थिर राजस्व वृद्धि हासिल करती है, तो तुरंत निराशा के बावजूद इसके शेयरों की कीमत में सुधार हो सकता है।
Pradeep Talreja
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